Almora News:भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित
आज दिनांक 13 मार्च 2026 को माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 22वीं किस्त जारी किए जाने के गरिमामयी अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद – विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में एक विशेष, विस्तृत एवं भव्य कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ ‘वन्दे मातरम्’ एवं ‘परिषद गीत’ के साथ अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। इसके उपरान्त एक गहन तकनीकी सत्र एवं कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा कृषकों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि प्रणालियों की सूक्ष्म एवं विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस सत्र के दौरान डॉ. अनुराधा भारतीय द्वारा ‘दलहन मिशन’, डॉ. बृज मोहन पांडेय द्वारा ‘प्राकृतिक कृषि’ तथा डॉ. निर्मल कुमार हेडाऊ द्वारा ‘डिजिटल कृषि मिशन’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। तकनीकी चर्चा के उपरान्त, माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा देश के 9 करोड़ 32 लाख से भी अधिक अन्नदाताओं के बैंक खातों में सीधे धनराशि हस्तांतरित करने वाले ऐतिहासिक राष्ट्रीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण उपस्थित जनसमूह द्वारा देखा गया।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. बृज मोहन पाण्डेय ने सभी सम्मानित अतिथियों एवं प्रगतिशील कृषकों का आत्मीय स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के दूरगामी महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों से इस जनकल्याणकारी योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया तथा संस्थान द्वारा विकसित किए जा रहे नवीन नवाचारों, उन्नत बीजों और प्रक्षेत्र आधारित तकनीकी प्रसार के माध्यम से सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों के कृषकों की आय में निरंतर वृद्धि करने के प्रति संस्थान की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया।
समारोह के मुख्य अतिथि माननीय श्री अजय वर्मा जी संस्थांन को बधाई देते हुए कहा कि यह संस्थान किसानों की प्रगति हेतु सतत प्रयासरत है तथा समय-समय पर कृषि में नए अनुसंधानों से कृषकों को अवगत कराते हुए उनकी आय वृद्धि का माध्यम रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए एक सुदृढ़ आर्थिक संबल सिद्ध हुई है, जो उन्हें समय पर बीज, उर्वरक और अन्य आवश्यक कृषि निवेश जुटाने में पूर्णतः स्वावलंबी बनाती है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि 7 लाइन स्टेट के वार्ड मेंबर श्री संजय नेगी जी ने संस्थान की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पर्वतीय कृषि की उन्नति और किसानों की प्रगति हेतु निरंतर समर्पित भाव से प्रयासरत है।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त, सभी वैज्ञानिक, अधिकारी, कार्मिकों तथा अन्नदाताओं सहित कुल 148 (51 महिलाएं तथा 97 पुरूष) प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. बृज मोहन पाण्डेय, प्रभागाध्यक्ष, फसल उत्पादन द्वारा किया गया तथा धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. कृष्ण कान्त मिश्रा, प्रभागाध्यक्ष, फसल सुरक्षा द्वारा ज्ञापित किया गया। समारोह का औपचारिक समापन गरिमापूर्ण राष्ट्रगान के साथ हुआ।
