अधिकारि वादों का त्वरित करें निस्तारण- जिलाधिकारी

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बागेश्वर: जिलाधिकारी विनीत कुमार ने मासिक स्टाफ बैठक लेते हुए कानून व्यवस्था, राजस्व वसूली, वाद निस्तारण की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दियें कि वे वादों का त्वरित निस्तारण करें तथा पुराने वादों में जल्द डेट लगाकर प्राथमिकता से निस्तारण करना सुनिश्चियत करें। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली पर विशेष ध्यान दें तथा जो आरसी प्राप्त हो रही है उनकी त्वरित वसूली की जाए, ताकि वर्ष के अंत में वसूली लक्ष्य को आसानी से प्राप्त किया जा सकें।
जिलाधिकारी ने जनपद में कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि राजस्व व पुलिस पुराने वादों का निस्तारण करें। उन्होंने न्यायालयों में लंबित वादों की समीक्षा की, जिस पर जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मार्च तक 81 वाद विभिन्न न्यायालयों में लंबित थे, जिसमें से 10 वादों का निस्तारण कर दिया गया है, तथा 04 वाद जिंरह में है तथा 03 मामलों में जिंरह पूरी हो गयी है, जिसमें निर्णय होना है, जिस पर जिलाधिकारी ने शासकीय अधिवक्ताओं को निर्देश दियें कि वे वादों में शीघ्रता से तारीख लगाकर गवाही करायें व वादों का निस्तारण करें। उन्होंने पुराने 17 वादों की सूची मांगी ताकि मॉनिटरिंग सैल की बैठक में रखी जा सकें। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि 2020-21 में राजस्व देयक वसूली 96.83 प्रतिशत हुई थी, जबकि वर्ष 2021-22 में 97.47 प्रतिशत राजस्व देयक वसूली की गयी।

 

जिलाधिकारी ने आबकारी अधिकारी को निर्देश दियें कि वे मदिरा की दुकानों के बाहर रेट लिस्ट लगाना सुनिश्चित करें, तथा ओवर रेट कर मदिरा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि मदिरा की दुकानों पर नियमित निरीक्षण करें तथा उनके स्टॉक व सेल पंजिकाओं का अवलोकन भी करें। उन्होंने एआरटीओ को निर्देश दियें कि वे प्रवर्तन कार्य पर विशेष ध्यान देते हुए दुर्घटना रोकने हेतु नियमित चैकिंग अभियान चलायें तथा ओवर स्पींड, ओवर लोडिंग तथा नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें व अर्थदंड भी लगायें। जनपद में जीएसटी संग्रह की समीक्षा करते हुए उन्होंने सहायक आयुक्त राज्य कर को निर्देश दियें कि वे जीएसटी संग्रह बढाने के प्रयास करें, जिस पर सहायक आयुक्त ने बताया कि वर्ष 2020-21 में जीएसटी संग्रह 455.46 लाख था, जो बढकर वित्तीय वर्ष 2021-22 में 520.44 लाख संग्रह हुआ। नगर निकाय की भवन कर की समीक्षा करते हुए अधि0अधि0 ने बताया कि गत वर्ष 105.78 लाख भवन कर में से 70.50 लाख वसूली की गयी, जिस पर जिलाधिकारी ने शत-प्रतिशत भवन कर वसूली करने के निर्देश अधि0अधि0 को दियें। उनहोंने पूर्ति विभाग की समीक्षा करते हुए समय से राशन वितरण करने तथा नियमित राशन की दुकानों का निरीक्षण करने के निर्देश दियें। पूर्ति निरीक्षण ने बताया कि 30 शहरी, 407 ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ते गल्ले की दुकाने है। उन्होंने राशन की दुाकनों, पेट्रोल पंपों के साथ ही होटल, रेस्टोरेंटों में भी छापे मारी कर घरेलू सिलिंडर के उपयोग रोकने के निर्देश दियें। खाद्य सुरक्षा की समीक्षा के दौरान उन्होने कहा कि मिठाई की दुकानों एवं रैस्टोरेंट में उत्पादों की सैपंलिंग करें तथा एक्सपायरी डेट की मिठाई एवं बासी खाद्य पदार्थो की बिक्री पर रोक लगायें।

जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त संदर्भो का ससमय निस्तारण करने के साथ ही राजस्व परिषद व महालेखाकार आडिट आपत्तियों का भी त्वरित निष्पादन करने के निर्देश दियें। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारी विद्यालयों, गैस वितरण, मदिरा की दुकानों, चिकित्सालों, राशन की दुकानों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थायें सुनिश्चित करायें।

बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी चन्द्र सिंह इमलाल, उपजिलाधिकारी हरगिरि, राजकुमार पांडे, मोनिका, परितोष वर्मा, अभियोजन अधिकारी सीमा भेतवाल, सहायक आयुक्त राज्यकर अशोक गब्र्याल, एआरटीओ कृष्ण चन्द्र पलडिया, आबकारी अधिकारी मीनाक्षी टम्टा, तहसीलदार दीपिका आर्या, पूजा शर्मा, तितिक्षा जोशी, अधि0अधि0 सतीश कुमार, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर रोहित बहुगुणा सहित जिला संयुक्त कार्यालय के पटल सहायक उपस्थित थें।

रिपोर्ट: हिमांशु गढ़िया

 

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