पौड़ी के खांडूसैन में गुलदार ने साढ़े तीन वर्षीय मासूम को बनाया निवाला, ग्रामीणों में भारी आक्रोश और दहशत
पौड़ी के खांडूसैन में गुलदार ने साढ़े तीन वर्षीय मासूम को बनाया निवाला, ग्रामीणों में भारी आक्रोश और दहशत
पौड़ी गढ़वाल (रिपोर्ट: भगवान सिंह): जनपद पौड़ी के खांडूसैन क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां गुलदार (लेपर्ड) के हमले में एक साढ़े तीन वर्षीय मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत, शोक और वन विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त है।
घर के आंगन से मासूम को खींच ले गया गुलदार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाम करीब पौने छह बजे मासूम बच्ची अपने घर के आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान झाड़ियों में पहले से घात लगाए बैठे खूंखार गुलदार ने अचानक उस पर हमला कर दिया और उसे झपटकर तेजी से जंगल की ओर खींच ले गया। स्वजनों और ग्रामीणों के शोर मचाने पर आनन-फानन में खोजबीन शुरू की गई, लेकिन कुछ ही दूरी पर बच्ची का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ, जिसे देख परिजनों में कोहराम मच गया।
मौके पर पहुंचे अफसर और जनप्रतिनिधि, ग्रामीणों ने किया घेराव
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर एसएसपी पौड़ी सर्वेश पंवार, पौड़ी विधायक राजकुमार पोरी, डीएफओ सिविल एवं सोयम पवन नेगी तथा संबंधित क्षेत्र के रेंजर सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
मासूम की दर्दनाक मौत से उग्र ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे विधायक राजकुमार पोरी का घेराव कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की सक्रियता बनी हुई थी, लेकिन वन विभाग ने समय रहते गश्त या सुरक्षा के कड़े इंतजाम नहीं किए।
जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने और नरभक्षी घोषित करने की मांग
ग्रामीणों ने मांग रखी है कि जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें। इसके साथ ही आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग से निम्नलिखित ठोस कदम उठाने की मांग की है:
गुलदार को तुरंत पकड़ना/शूट करना: हमलावर गुलदार को तत्काल नरभक्षी घोषित कर पिंजरा लगाने या शूट करने के आदेश दिए जाएं।
क्षेत्र में सुरक्षा और गश्त: खांडूसैन और आसपास के गांवों में वन विभाग की नियमित गश्त बढ़ाई जाए और झाड़ियों के कटान की व्यवस्था हो।
मुआवजा: पीड़ित परिवार को तत्काल उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
क्षेत्र में शोक का माहौल
साढ़े तीन साल की मासूम की इस तरह हुई असमय मौत से पूरे खांडूसैन क्षेत्र में मातम छाया हुआ है। हर कोई इस घटना से स्तब्ध है और रात के समय घरों से बाहर निकलने में भी डर का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गुलदार के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए जमीनी कार्रवाई नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
