चमोली: गर्भवती महिला की मौत पर भड़का गुस्सा, थराली सीएचसी में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन; डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

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चमोली: गर्भवती महिला की मौत पर भड़का गुस्सा, थराली सीएचसी में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन; डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

थराली (चमोली)। उत्तराखंड के चमोली जनपद के थराली में एक गर्भवती महिला की एम्बुलेंस में हुई असमय मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस दुखद घटना से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) थराली में तालाबंदी और धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।

क्या है पूरा मामला?
बीते सोमवार को थराली के कुराड़ गांव निवासी गर्भवती महिला *सरिता देवी* को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी थराली लाया गया था। हालत बिगड़ने पर उन्हें वहां से उपजिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग के लिए रेफर किया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश 108 एम्बुलेंस में रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया।

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परिजनों का गंभीर आरोप: मृतका के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन और चिकित्सा स्टाफ ने घोर लापरवाही बरती। बार-बार अनुरोध करने के बावजूद समय रहते महिला को उच्च केंद्र (रेफर) नहीं भेजा गया। जब महिला की स्थिति बेहद गंभीर और नियंत्रण से बाहर हो गई, तब जाकर खानापूर्ति के लिए उसे रेफर किया गया, जिसके कारण रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

अस्पताल परिसर में ही धरने पर बैठे कांग्रेसी नेता
इस घटना के विरोध में बुधवार को कांग्रेस के दिग्गज नेताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया। पूर्व विधायक डॉ. जीतराम, ब्लॉक प्रमुख प्रवीण पुरोहित और नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता रावत के संयुक्त नेतृत्व में भारी संख्या में कार्यकर्ता सीएचसी थराली पहुंचे और परिसर में ही धरने पर बैठ गए।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें:
निष्पक्ष जांच: पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
दोषियों पर एक्शन:कथित लापरवाह चिकित्सा कर्मियों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती: सीमांत क्षेत्र के इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से खाली चल रहे विशेषज्ञ डॉक्टरों के पदों पर तत्काल नियुक्ति की जाए, ताकि भविष्य में किसी और को जान न गंवानी पड़े।
“कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन होगा और उग्र”
धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मृतका के परिवार को न्याय नहीं मिला और अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को पूरे जनपद में और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शनकारी अस्पताल परिसर में ही धरने पर डटे हुए थे।

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