Almora News:भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा द्वारा उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में प्याज के बीज उत्पादन पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

0
ख़बर शेयर करें -

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में “प्याज के बीज उत्पादन की पद्धतियाँ” विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन 16 से 17 फरवरी 2026 तक किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम हिमोत्थान सोसाइटी अल्मोड़ा द्वारा प्रायोजित किया गया था।

संस्थान की प्रचलित प्रजाति वी.एल. प्याज 3, जो कि पर्वतीय क्षेत्रों में प्याज की खेती के लिए उपयुक्त एवं लाभकारी होने के कारण, इसके बीज की मांग पर्वतीय क्षेत्रों में निरंतर किसानों द्वारा की जा रही है। अतः इस प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रदेश के स्थानीय किसानों को बीज उत्पादन की दिशा में आत्मनिर्भर बनाना एवं इसके बीज की आपूर्ति को सुनिश्चित करना था।

यह भी पढ़ें 👉  National News:पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगी आग: आज से ₹3.60 तक महंगे हुए दाम, आम आदमी को लगा बड़ा झटका

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तरकाशी एवं बागेश्वर जिले के लगभग 18 किसानों एवं हिमोत्थान सोसाइटी के 5 कार्यकर्ताओं ने इस प्रशिक्षण में प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ 16 फरवरी 2026 को निदेशक, डॉ. लक्ष्मीकांत द्वारा उद्घाटन सत्र के साथ किया गया। इस प्रशिक्षण का समन्वयन संस्थान के वैज्ञानिकों डॉ. निर्मल कुमार हेडाऊ एवं डॉ. सांथिया एस. द्वारा किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान प्याज के बीज उत्पादन के विभिन्न पहलुओं जैसे बीजोपचार, पौधशाला प्रबंधन, कंद उत्पादन, कंद का भंडारण, बीज उत्पादन, पोषक तत्वों का प्रबंधन, एकीकृत रोग एवं कीट प्रबंधन विषयों पर संस्थान के विशेषज्ञों डॉ. निर्मल कुमार हेडाऊ, डॉ. के.के. मिश्रा, डॉ. बी.एम. पांडे, डॉ. सांथिया एस., डॉ. प्रताप दिवेकर द्वारा प्रशिक्षुओं को अवगत कराया गया। इसके साथ ही मनोज भट्ट, दुश्यंत कौशिक द्वारा व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

यह भी पढ़ें 👉  Almora News:अल्मोड़ा में पुलिस का ‘ऑपरेशन प्रहार’: तीन थानों की बड़ी कार्रवाई, अवैध रूप से शराब बेचते व पिलाते 3 गिरफ्तार

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को व्याख्यान के साथ-साथ किसानों से सीधा संवाद कर प्रशिक्षण पर उनकी प्रतिक्रियाएँ प्राप्त की गईं और उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में अर्जित ज्ञान के प्रसार हेतु प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल कृषि एवं उद्यमशील भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।

कार्यक्रम का समापन संस्थान के निदेशक, डॉ. लक्ष्मीकांत की उपस्थिति में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरण के साथ सम्पन्न हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *