मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि उत्तराखंड सरकार तथा प्रदेश में मोटर वाहन के क्षेत्र में कार्य कर रहे विभिन्न संगठनों द्वारा पर्वतीय जिलों में वाहनों की फिटनेस जाँच एवं ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के समक्ष रखा गया था, जिस पर प्रदेश सरकार के आग्रह पर सकारात्मक निर्णय लिया गया है।

भौगोलिक परिस्थितियों, लंबी दूरी और ATS केंद्रों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार एवं वाहनस्वामियों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार किया गया है। इसके तहत यह निर्णय लिया गया है कि जब तक पर्वतीय जिलों में ATS केंद्र पूर्ण रूप से स्थापित नहीं हो जाते, तब तक पूर्व की भांति आरटीओ (RTO) पर मैनुअल फिटनेस जाँच के प्रावधान आमजन के हित में जारी रहेंगे।

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लिए गए निर्णय के अनुसार उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा एवं पिथौरागढ़ जिलों में ATS केंद्रों के संचालन के लिए 1 जुलाई 2026 तक, तथा टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली एवं बागेश्वर जिलों में ATS के पूर्ण संचालन के लिए 31 दिसंबर 2026 तक पूर्व की भांति फिटनेस जाँच की व्यवस्था लागू रहेगी।

राज्यहित और जनसुविधा को सर्वोपरि रखते हुए, केंद्र और राज्य के बीच समन्वय के साथ समाधान सुनिश्चित करने के लिए हम पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं।

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