Uttrakhand News :धामी सरकार का बड़ा फैसला मूल निवासी प्रमाण पत्र जारी करने के मानक निर्धारित करने के लिए बनाई गई हाई लेवल समिति

उत्तराखंड सरकार ने मूल निवासी प्रमाण पत्र जारी करने के मानक निर्धारित करने के लिए एक हाई लेवल समिति बनाई है. यह समिति न केवल राज्य में लागू भूमि कानूनों के प्रारूप की निगरानी करेगी, बल्कि मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने के लिए नियम स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

इस समिति का गठन राज्य के समग्र कल्याण के लिए पूर्व में स्थापित भूमि कानून समिति की सिफारिशों पर आधारित है. समिति राज्य में भूमि की आवश्यकता और उपलब्ध भूमि के संरक्षण के बीच संतुलन सुनिश्चित करते हुए विकास परियोजनाओं में योगदान देगी.

💠सीएम धामी ने पद संभालते ही बनाई थी कमेटी

बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पदभार ग्रहण करते ही अगस्त 2022 में भूमि सुधार अधिनियम की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था, जिसने ने हितधारकों, संगठनों और संस्थाओं के साथ विचारशील विचार और चर्चा पर ध्यान केंद्रित करते हुए 80 पेज की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की. इसके अतिरिक्त, इसने राज्य में जिला मजिस्ट्रेटों द्वारा दी गई भूमि अधिग्रहण के लिए मंजूरी की जांच की थी.

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💠निवेश प्रोत्साहित करना भी सरकार का मकसद

समिति की सिफारिशों का उद्देश्य राज्य में भूमि संसाधनों के अनावश्यक दुरुपयोग को रोकते हुए विकास के लिए निवेश को प्रोत्साहित करना और रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि सरकार राज्य के विकास की कल्पना करने वाले निवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करने के निरंतर प्रयासों के साथ राज्य के कल्याण को सर्वोपरि महत्व देती है. चाहे वह भूमि कानूनों से संबंधित हो या मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने से संबंधित हो.

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💠निवास प्रमाण पत्र के लिए मानक निर्धारित करेगी कमेटी

राज्य सरकार का दावा है कि वह विशेषज्ञों के परामर्श से स्पष्ट निर्देश प्रदान करने के लिए समर्पित है. आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति में विषय विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल हैं. इसे राज्य में भूमि कानूनों को लागू करने के साथ-साथ मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने के मानकों को निर्धारित करने का काम सौंपा गया है.