पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गैरसैण में की तालाबंदी की और कही ये बात सुनिये

ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण की उपेक्षा किये जाने आए नाराज पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आज गैरसैंण पहुचकर कर कॉंग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ तहसील कार्यालय में तीन घण्टे तक धरना दिया और उपजिलाधिकारी कार्यालय में सांकेतिक तालेबंदी की ,

 

 

उन्होंने कहा कि जो सरकार गैरसैंण में दो सालों से एसडीएम और तहशीलदार नही बैठा पा रही है उससे राजधानी की क्या उम्मीद की जा सकती है । इस अवसर पर उनके साथ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल भी मौजूद थे।

 

 

 

आंदोलनकारियों की जनभावनाओं का केंद्र गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी होने के वावजूद आज भी गैर होता जा रहा है । भराड़ीसैंण को तत्कालीन त्रिवेंद्र रावत सरकार के दौरान ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया गया था जिसके बाद आज तक सरकार ग्रीष्मकालीन राजधानी की ओर एक भी कदम नही बढ़ा पाई है ।

यह भी पढ़ें 👉  *छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र और युवाओं की आवाज पर हमला: भूपेंद्र सिंह भोज* अल्मोड़ा। दिल्ली में अपने भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया जाना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। यह बात जिला कांग्रेस कमेटी अल्मोड़ा के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कही। उन्होंने कहा कि देश के छात्र अपने भविष्य को लेकर सवाल पूछ रहे हैं। NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों ने लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के विश्वास को गहरा आघात पहुंचाया है। ऐसे में सरकार को छात्रों की आवाज सुनकर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने के लिए पुलिस की लाठियां चलानी चाहिए। भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि जिस देश में छात्र अपने भविष्य की चिंता लेकर संसद तक अपनी आवाज पहुंचाने जाते हैं, वहां उन्हें लाठियों से जवाब देना लोकतंत्र की आत्मा पर चोट है। सरकार को यह समझना होगा कि छात्र देश का भविष्य हैं, अपराधी नहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार, पारदर्शी परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य का भरोसा देने में विफल रही है। जब छात्र अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आवाज उठाते हैं, तो सरकार संवाद करने के बजाय दमन का रास्ता अपनाती है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों के बिल्कुल विपरीत है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो तथा छात्रों की परीक्षा संबंधी सभी मांगों पर केंद्र सरकार तत्काल संवाद करे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। युवाओं की आवाज को लाठी के बल पर दबाया नहीं जा सकता। संघर्ष जारी रहेगा और छात्रों के न्याय की लड़ाई को कांग्रेस पार्टी पूरी ताकत से आगे बढ़ाएगी।

 

 

इसी बात से नाराज होकर आज पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत गैरसैंण पहुचे , उनके गैरसैंण पहुचने के बाद कॉंग्रेस कार्यकर्ताओं ने हरीश रावत के पक्ष में नारेबाजी करते हुए उनका जोरदार स्वागत किया , हरीश रावत ने कॉंग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर गैरसैंण तहशील कार्यालय में तीन घण्टे तक धरना दिया , भाजपा पर निशाना साधते हुए हरीश रावत ने कहा कि आज भाजपा ग्रीष्मकालीन राजधानी की ओर एक कदम भी आगे नही बढ़ा पाई है यह उत्तराखण्डियत का अपमान है । राज्यान्दोलनकारियो का अपमान है ।

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मौजूदा सरकार के दौरान दो सालों से गैरसैंण तहशील में एसडीएम और तहशीलदार नही है । तो इनसे राजधानी की उम्मीद कैसै की जा सकती है । पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि धामी सरकार भराड़ीसैंण को लेकर बारबार कहती है कि वहां ठंड है । लेकिन मैंने भी संकल्प ले लिया है कि जब भराड़ीसैंण में बर्फवारी होगी तो मैं वहां सांकेतिक रूप से धरना देने जाऊंगा ।

 

 

 

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