जौनपुर और रंवाई का हमारा क्षेत्र उत्तराखंड की संस्कृति की एक बड़ी धरोहर है:- हरीश रावत

 

जौनपुर और रंवाई का हमारा क्षेत्र उत्तराखंड की संस्कृति की एक बड़ी धरोहर है:- हरीश रावत

आज जौनपुर (नैनबाग, जिला टिहरी) का प्रसिद्ध #मौण_मेला मनाया जाता है, मौण का अर्थ है कुछ बेहोशी की हालत में और यह तिमरू की छाल को सुखाकर उसका चूरा जो है नदी/पानी में डाला जाता है

 

 

और मछलियाँ बेहोश हो जाती हैं और जब वो बेशुद हो जाती हैं तो उनको पकड़ा जाता है, तो यह मौण का मेला जो है अगलाड़ गाड़ में होता है और राजा से पट्टे पर लिए हुए गांव के लोगों के ऐरियाज हैं, उन ऐरियाज में वो इस दिन मच्छी पकड़ते हैं और उनको अपने घरों को ले जाते हैं।

यह भी पढ़ें 👉  विशेष आलेख: नंदादेवी न्यूज़ में गढ़वाल और कुमाऊं की सीमा पर आस्था व शौर्य का प्रतीक — बधाणगढ़ी

 

 

 

यह अब एक पर्व के तौर पर मनाया जाने लग गया है और स्थानीय लोग बड़े उत्साहपूर्वक इस मेले में भाग लेते हैं। जौनपुर और रंवाई का हमारा क्षेत्र उत्तराखंड की संस्कृति की एक बड़ी धरोहर है। यह जो मौण मेला है, यह हमारी एक अच्छी पहचान है।

यह भी पढ़ें 👉  विशेष आलेख: नंदादेवी न्यूज़ में गढ़वाल और कुमाऊं की सीमा पर आस्था व शौर्य का प्रतीक — बधाणगढ़ी

 

 

मैंने सोचा था कि मैं आज मौण मेले में जाऊंगा और अगलाड़ गाड़ में लोगों के दर्शन करूंगा, आज नहीं पहुंच पाया लेकिन अगले साल मुझे हर हालत में जाना है, क्योंकि एक ही ऐसा मेला है जहां मैं नहीं जा पाया हूं, वह है मौण का मेला। मैं, सभी जौनपुर के लोगों को इस मौके पर बहुत बधाई देता हूं।
#uttarakhand