बनबसा में ऐतिहासिक धामी कैबिनेट बैठक: 24 बड़े प्रस्तावों को हरी झंडी, जमीन पट्टों के नियमितीकरण और डॉक्टरों का मानदेय बढ़ाने समेत कई अहम फैसले

बनबसा में ऐतिहासिक धामी कैबिनेट बैठक: 24 बड़े प्रस्तावों को हरी झंडी, जमीन पट्टों के नियमितीकरण और डॉक्टरों का मानदेय बढ़ाने समेत कई अहम फैसले

यहाँ चम्पावत के बनबसा में आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट बैठक के महत्वपूर्ण निर्णयों पर आधारित एक विस्तृत और समाचार-शैली (News Article) खबर दी गई है:

बनबसा में ऐतिहासिक धामी कैबिनेट बैठक: 24 बड़े प्रस्तावों को हरी झंडी, जमीन पट्टों के नियमितीकरण और डॉक्टरों का मानदेय बढ़ाने समेत कई अहम फैसले

बनबसा (चम्पावत): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार (04 अक्टूबर, 2026) को एन.एच.पी.सी. परिसर, बनबसा में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तराखंड के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई दूरगामी निर्णयों पर मुहर लगाई गई। सीमांत क्षेत्र में आयोजित इस ऐतिहासिक बैठक में भूमि अधिकारों, स्वास्थ्य सेवाओं, अवस्थापना विकास, राजकोषीय प्रबंधन और कौशल विकास से संबंधित कुल 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।

कैबिनेट बैठक के प्रमुख बड़े फैसले:

1. पट्टेधारकों को मिलेगा भूमिधरी अधिकार

मंत्रिमंडल ने वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि पर काबिज पट्टेधारकों को भूमिधरी अधिकार देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसके तहत नैनीताल जिले के लालकुआं नगर पंचायत के पट्टेधारकों/कब्जाधारकों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार मिलेंगे। वहीं, देहरादून जिले के जौनसार-बावर क्षेत्र में वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की अवधि को वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर 1 वर्ष के लिए विस्तारित करने की मंजूरी दी गई है। इसके बाद वर्तमान प्रचलित सर्किल रेट लागू होंगे।

2. मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के मानदेय का पुनर्गठन

राज्य के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोन्स्ट्रेटर के पदों पर तैनात कार्मिकों के देय वेतन/मानदेय के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा के लिए नई नियमावली 2026 को भी स्वीकृति मिली।

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3. पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए ₹66.29 करोड़ स्वीकृत

पंतनगर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के क्रम में उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को अवशेष ₹66.2916 करोड़ की धनराशि अवमुक्त करने को मंजूरी दी गई, जिससे निर्माण कार्य तेज होंगे।

4. जमीनों के क्रय-विक्रय में पैन सत्यापन अनिवार्य

स्टाम्प एवं निबंधन विभाग के तहत संपत्तियों की खरीद-बिक्री में क्रेता, विक्रेता और अन्य पक्षकारों द्वारा जमा किए गए पैन (PAN) कार्ड का अनिवार्य ऑनलाइन सत्यापन किया जाएगा। इससे फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी और डेटा पारदर्शिता बढ़ेगी।

5. ₹200 करोड़ की ‘मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना’

उच्च शिक्षा में अध्ययनरत लगभग 1.19 लाख छात्रों की रोजगार क्षमता और उद्यमिता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना, 2026 को मंजूरी दी गई। आगामी 5 वर्षों में इस योजना पर करीब 200 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे

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6. कृषि, पशुपालन व मत्स्य विभाग में महानिदेशक का नया पद

पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभागों के बीच बेहतर समन्वय, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के लिए महानिदेशक (Director General) का एक नया पद सृजित किया जाएगा।

7. कुक्कुट आहार सब्सिडी का भुगतान अब सीधे DBT से

कुक्कुट (पोल्ट्री) आहार सब्सिडी योजना के लाभार्थियों को अब सब्सिडी की राशि ई-रूपी के बजाय सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी।

8. 153 साल पुराना नहर अधिनियम निरस्त, नया बिल आएगा

मंत्रिमंडल ने अप्रासंगिक हो चुके 1873 के ‘उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम’ को निरस्त करते हुए उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026 को विधानसभा में लाने की मंजूरी दी।

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9. निजी विश्वविद्यालयों के स्थापना मानकों में संशोधन

राज्य में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के नियमों में ढील देते हुए अब पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्ग मीटर तथा मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 20,000 वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्र का मानक तय किया गया है।

10. नरेंद्रनगर में नया उप निबंधक कार्यालय

तहसील नरेंद्रनगर (टिहरी) में नए उप निबंधक कार्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई, जिसके अंतर्गत नरेंद्रनगर और पावकी देवी क्षेत्र के कुल 133 राजस्व गांव शामिल होंगे।

अन्य प्रमुख निर्णय:

  • एफआरबीएम संशोधन बिल 2026: वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा GSDP के 3% और संचयी ऋण सीमा 30% निर्धारित।
  • भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार: समूह ‘ग’ के पदों पर उप कारापाल (Sub-Jailor) भर्ती के लिए साक्षात्कार समाप्त कर केवल शारीरिक व लिखित परीक्षा रखी गई।
  • वन विभाग ढांचा: वनाग्नि और दैवीय आपदाओं से त्वरित निपटने के लिए मुख्य वन संरक्षक कुमाऊँ व गढ़वाल को विभागाध्यक्ष घोषित किया गया।
  • सतर्कता अधिष्ठान (Vigilance) पुनर्गठन: विजिलेंस में 6 नए पदों के सृजन और पुलिस कर्मियों के पुनर्गठन प्रस्ताव को मंजूरी।

बनबसा में हुई यह कैबिनेट बैठक सीमांत क्षेत्रों के विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इन निर्णयों से न केवल बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार होगा, बल्कि आम जनता को भूमि अधिकारों और प्रशासनिक सुविधाओं का सीधा लाभ मिलेगा।