Almora News :अल्मोड़ा के बिन्सर वन्यजीव विहार में वनाग्नि से चार वन कर्मियों की मृत्यु पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जताया गहरा दुख,मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह धनराशि दिए जाने के दिए निर्देश

अल्मोड़ा के बिन्सर वन्यजीव विहार में वनाग्नि से चार वन कर्मियों की मृत्यु पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह धनराशि दिए जाने के निर्देश दिए हैं।

उधर, वन मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रमुख वन संरक्षक 💠(पीसीसीएफ) को घटना की जांच कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है।

यह भी पढ़ें 👉  शारदीय नवरात्रि: अल्मोड़ा के मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, गूंजे मां के जयकारे अल्मोड़ा: देवभूमि उत्तराखंड में शक्ति की उपासना के महापर्व शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हो गया है। पर्व के पहले दिन से ही अल्मोड़ा के ऐतिहासिक और पौराणिक मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। सुबह से ही नगर के प्रसिद्ध नंदा देवी मंदिर समेत विभिन्न देवीलयों में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी है, जिससे पूरा क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। ऐतिहासिक नंदा देवी मंदिर में उमड़े भक्त उत्तराखंड की लोक आराध्य और कुमाऊँ-गढ़वाल की मुख्य संरक्षक देवी मां नंदा-सुनंदा के दर्शन के लिए अल्मोड़ा शहर के साथ-साथ दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भक्तों ने मंदिर पहुंचकर मां के चरणों में माथा टेका और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर के पुजारी तारा दत्त जोशी ने बताया कि नवरात्रि के पहले दिन से ही भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर मां की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। भक्तिमय माहौल और व्रत-अनुष्ठान मान्यता है कि उत्तराखंड में मां नंदा को मां पार्वती के स्वरूप के रूप में पूजा जाता है। नवरात्रि के इन पवित्र दिनों में श्रद्धालु व्रत रखकर मां दुर्गा और भगवती नंदा की आराधना कर रहे हैं। घरों और मंदिरों में घटस्थापना के साथ विशेष अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। वहीं, जगह-जगह दुर्गा पंडालों में माता की मनमोहक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जिससे पूरे शहर में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उल्लास का वातावरण है। परंपरा के अनुसार, नौ दिनों तक चलने वाले इन अनुष्ठानों का समापन नवमी के दिन कन्या पूजन और विशाल भंडारे के साथ होगा।

घटना में घायल वन कर्मियों को उपचार के लिए हल्द्वानी स्थित मेडिकल कॉलेज के अधीन सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती करने का भी निर्देश दिया है। साथ ही आवश्यकतानुसार उपचार के लिए हल्द्वानी से एम्स ऋषिकेश एयर लिफ्ट करने का भी निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि शासन इस घटना पर पूरी तरह नजर बनाए हुए है। आग कैसे लगी, फायर वाचर का बीमा आदि समेत कई बिंदुओं पर रिपोर्ट तलब कर ली है।