लेख आपका : कहानी दर्जी और उसके बेटे की

 

लेख आपका : कहानी दर्जी और उसके बेटे की

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लेख आपका : कहानी दर्जी और उसके बेटे की

कहानी: एक दिन स्कूल में छुट्टी की घोषणा होने के कारण एक दर्जी का बेटा अपने पिता की दुकान पर चला गया। वहाँ जाकर वह बड़े ध्यान से अपने पिता को काम करते हुए देखने लगा। उसने देखा कि उसके पिता कैंची से कपड़े को काटते हैं और फ़िर कैंची को अपने पैर के नीचे दबा कर रख देते हैं। फिर सुई से उसको सीते हैं और सिलाई के बाद सुई को अपनी टोपी में लगाकर रख लेते हैं।

 

जब उसने इसी क्रिया को चार-पाँच बार देखा तो उससे रहा नहीं गया।फ़िर उसने अपने पिता से कहा कि वह उनसे एक जरूरी बात जानना चाहता है?

यह भी पढ़ें 👉  *छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र और युवाओं की आवाज पर हमला: भूपेंद्र सिंह भोज* अल्मोड़ा। दिल्ली में अपने भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया जाना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। यह बात जिला कांग्रेस कमेटी अल्मोड़ा के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कही। उन्होंने कहा कि देश के छात्र अपने भविष्य को लेकर सवाल पूछ रहे हैं। NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों ने लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के विश्वास को गहरा आघात पहुंचाया है। ऐसे में सरकार को छात्रों की आवाज सुनकर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने के लिए पुलिस की लाठियां चलानी चाहिए। भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि जिस देश में छात्र अपने भविष्य की चिंता लेकर संसद तक अपनी आवाज पहुंचाने जाते हैं, वहां उन्हें लाठियों से जवाब देना लोकतंत्र की आत्मा पर चोट है। सरकार को यह समझना होगा कि छात्र देश का भविष्य हैं, अपराधी नहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार, पारदर्शी परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य का भरोसा देने में विफल रही है। जब छात्र अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आवाज उठाते हैं, तो सरकार संवाद करने के बजाय दमन का रास्ता अपनाती है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों के बिल्कुल विपरीत है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो तथा छात्रों की परीक्षा संबंधी सभी मांगों पर केंद्र सरकार तत्काल संवाद करे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। युवाओं की आवाज को लाठी के बल पर दबाया नहीं जा सकता। संघर्ष जारी रहेगा और छात्रों के न्याय की लड़ाई को कांग्रेस पार्टी पूरी ताकत से आगे बढ़ाएगी।

 

पिता ने कहा – बेटा बोलो! क्या पूछना चाहते हो?

बेटा बोला – पिताजी मैं बड़ी देर से आपको देख रहा हूं, आप जब भी कपड़ा काटते हैं उसके बाद कैंची को पैर के नीचे दबा देते हैं और सुई से कपड़ा सीने के बाद उसे टोपी में लगाकर रख लेते हैं,आखिर ऐसा क्यों?

 

अपने बेटे के प्रश्न का उत्तर उसके पिताजी ने जिस मासूमियत से दिया उन दो पंक्तियाँ में मानों उन्होंने ज़िन्दगी औऱ मानव मूल्यों का पूरा सार ही समझा दिया।

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पिता का उत्तर था – बेटा! कैंची काटने का काम करती है और सुई जोड़ने का । हमारे समाज में काटने, बांटने औऱ नफ़रत फैलाने वाले का स्थान सदैव से ही नीचे होता है परन्तु जोड़ने,आपसी भाईचारे औऱ प्रेम का संदेश देने वाले का स्थान हमेशा ऊपर यानि सिर माथे पर होता है।

 

बस यही कारण है कि मैं सुई को अपने सिर में लगी टोपी में लगाता हूं और कैंची को पैर के नीचे दबाकर रखता हूं।”

 

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